नवयुवक ने की आत्महत्या, ट्रैक्टर की टक्कर से हुई थी गाय की मौत, भाई का आरोप- कर्मकांड करने का दबाव बना रहे थे ग्रामीण


Yuvaa voice:

मोंठ। थाना क्षेत्र के ग्राम चेलरा में सोमवार को 20 बर्षीय नवयुवक ने पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। करीब 15 दिन पहले उसके ट्रैक्टर की टक्कर से गोवंश घायल हो गया, इलाज कराने के बाद उसकी मौत हो गई थी। गांव के लोगों ने उसे धार्मिक कर्मकांड करने के लिए कहा, जिससे वह तनावग्रस्त रहता था। पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिये झांसी भेज, जांच शुरू कर दी है।

सोमवार दोपहर मोंठ पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम चेलरा में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने गांव में जाकर देखा तो पाया कि दिनेश उर्फ चिन्ने (18) पुत्र गंगा प्रसाद पाल ने गांव के बाहर उसके पशुओं के बाड़ा में पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली है। 

अतिरिक्त निरीक्षक कमल प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक अशोक कुमार, जेपी सिंह और पुलिस टीम ने पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए झांसी भेज दिया, जांच पड़ताल में जुट गये। फॉरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर नमूने एकत्रित किये। 

परिजनों का आरोप-

मृतक के बड़े भाई रोहित पाल का कहना है कि "करीब 20 दिन पहले जब दिनेश बन्द ट्रैक्टर पर बैठा था। तभी अचानक ट्रैक्टर आगे बढ़कर एक और आवारा गोवंश के पैर पर चढ़ गया, जिससे वह घायल हो गया था। एक सप्ताह तक दिनेश उसका उपचार कराता रहा लेकिन आखिर में गोवंश ने दम तोड़ दिया। गोवंश की मौत के बाद वह 18 नवंबर को सपरिवार गंगा स्नान के लिए बिठूर भी गये थे।"
       रोहित ने बताया कि "इसके बाद 19 नवम्बर को गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में एक पंचायत लगाकर उसमें फैसला सुनाया कि दिनेश को गाय की मौत के ऐवज़ में कर्मकांड के तौर पर भागवत कथा, भंडारा एवं गंगा स्नान आदि का आयोजन कराना होगा। ऐसा ना करने पर उसे सामाजिक बहिष्कार का भय दिखाया गया।"
     कहा कि"पंचायत के इस फैसले से दिनेश मानसिक तनाव में रहने लगा था। इतना बड़ा आयोजन करने के लिए उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इन कर्मकांड में करीब ढाई से तीन लाख का खर्चा उनके काबू से बाहर की बात थी।"
     रोहित ने आरोप लगाया है कि "गांव मोहल्ले के लोग दिनेश पर पंचायत में ते हुए कर्मकांड आयोजित करने का दबाव बना रहे थे। जिससे वह परेशान रहने लगा था, उसका मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि उसने कई दिनों से खाना तक नहीं खाया था। पंचायत में फैसला सुनाने वाले लोग ही इस घटना के जिम्मेदार हैं।"
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ग्राम प्रधान कैलाश राजपूत का कहना है कि "दिनेश के परिजनों के कहने पर ही पंचायत लगाई गयी थी। जिसमें गांव के लोगों ने 15-20 हजार रुपए तक छोटे रूप में भागवत कथा करवाने की सलाह दी थी। उन्होंने दबाव बनाने के आप को भी सीधे तौर पर नकारा। ग्राम प्रधान ने युवक को शराब, गांजा आदि की लत होने की बात कही है।"
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उक्त मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी हरिमोहन सिंह ने कहा कि "मोंठ क्षेत्र के ग्राम चेलरा में एक युवक के फांसी लगाने का मामला संज्ञान में आया, प्रथम दृष्टया युवक की मौत फांसी से होना प्रतीत हुआ है। हालांकि, परिजन जो तहरीर देंगे उसके आधार पर जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मामले में जांच की जा रही है।"


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