Yuvaa voice:
एट थाना क्षेत्र के ईंगोईकला निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू अहिरवार ने बताया उसके चाचा नरेंद्र कुमार उर्फ कलू ने बीते कल पिरौना स्थित आर्यावर्त नामक मिनी क्रेडिट बैंक से 30,000 रुपए का लोन लिया, जिसके साथ इलेक्ट्रिक चूल्हा भी दिया जाता है। पैसे अकाउंट में आ गए थे और चूल्हा नहीं मिला था। जिसके बाद उसका चाचा 30,000 रुपए लेकर घर से कस्बा मोंठ में खरीदारी करने आया था। उन्हें मटर का बीज भी खरीदना था। वह मोंठ आए जहां एक अज्ञात व्यक्ति आकर उनसे बातचीत तथा जान पहचान बढ़ाने लगा। जब उसके चाचा नरेंद्र ने बताया कि उसे मटर खरीदना है, तो उस व्यक्ति ने कहा कि उसके पास मटर है और वह बेचना चाहता है। इन्हीं बातों के दौरान उसने जीतू के चाचा नरेंद्र को पीने के लिए नशीला पदार्थ मिलाकर पानी दिया और वह नरेंद्र को लेकर मोंठ नगर के बाहर कृष्णम् पैलेस के पास आ गए। जहां जाकर वह अचेत हो गया।
झांसी। मोंठ कस्बा में कुछ अज्ञात लोगों ने एक व्यक्ति को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके 30,000 रुपए तथा एक मोबाइल गायब कर दिए और उसे बेहोशी हालत में नगर के बाहर छोड़कर चले गए। सूचना पर परिजनों ने पीड़ित को सीएचसी में भर्ती कराया। मौके पर पहुंची मोंठ पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जितेंद्र ने बताया उसके पास उसी के चाचा के मोबाइल नंबर से कॉल आया और उसे बताया कि मोंठ नगर के बाहर एक व्यक्ति बाइक समेत गिरा हुआ है। जितेंद्र ने बताया कि वह मेरे चाचा हैं। इतनी जानकारी पाकर जितेंद्र कुछ लोगों के साथ अपने चाचा नरेंद्र को ढूंढने आया तो चाचा के मोबाइल से बात कर रहा उक्त व्यक्ति जितेंद्र को लगातार गलत पता बताता रहा और वह मोंठ के चारों ओर हाईवे और नगर में घूमता रहा। आखिरकार उसे कृष्णम पैलेस के पास हो रही प्लाटिंग में उसके चाचा की बाइक पड़ी दिखाई दी। उसने पास आकर देखा तो उसका चाचा भी अचेत अवस्था में गिरा हुआ था। उसकी जेब से उसका मोबाइल और 30,000 रुपए नशीला पदार्थ देकर अज्ञात व्यक्ति निकाल लिए थे।
जितेंद्र ने अपने चाचा नरेंद्र को उठाया और सीएचसी में करीब 6:30 बजे भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया। जल्द ही पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकार लक्ष्मीकांत गौतम और प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह सीएचसी पहुंचे। पीड़ित और उसके साथियों से घटना की जानकारी ली। जब पीड़ित नरेंद्र को सीएचसी में भर्ती कराया गया तब वह बेहोशी हालत में था और कुछ भी बोलने-बताने में सक्षम नहीं था। ग़ौरतलब है कि पीड़ित के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि नरेन्द्र ने आज तक किसी प्रकार का नशा नहीं किया। फिर भी सीएचसी में वह बेहोशी और नशे की हालत में था।
By: Manoj Kumar niralaa


