Yuvaa voice:
मोंठ। थाना क्षेत्र के ग्राम अहरौली में एक सरकारी चकरोड (गाटा संख्या 230) पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने इस चकरोड को मिसमार कर अपने-अपने खेतों में मिला लिया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इतना ही नहीं, उक्त लोगों ने इस चकरोड पर झटका मशीन भी लगा दी, जिससे किसी का वहां से निकलना असंभव हो गया है।
इस संबंध में ग्राम अहरौली निवासी हाकिम सिंह ने उपजिलाधिकारी मोंठ को एक प्रार्थना पत्र देकर चकरोड को खुलवाने की मांग की है। हाकिम सिंह का कहना है कि उनका खेत (गाटा संख्या 231) इस चकरोड से सटा हुआ है और उन्हें अपने खेत तक जाने के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है। लेकिन अतिक्रमण के कारण अब खेत तक वाहन या पैदल पहुंचना भी मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो रही है।
प्रार्थी ने ग्राम प्रधान समेत आधा दर्जन लोगों पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया कि उन्होंने मिलकर इस सरकारी चकरोड पर कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये लोग ताकतवर और प्रभावशाली हैं, जिसके कारण प्रशासन भी कार्यवाही करने में हिचकिचा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हल्का लेखपाल और पुलिस की मदद से चकरोड की नाप कराकर इसे जल्द से जल्द खुलवाया जाए, ताकि किसानों को होने वाली परेशानी दूर हो सके।
यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले में उचित कार्यवाही नहीं की, तो किसानों की बुवाई प्रभावित होगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, इस अतिक्रमण को लेकर गांव में भी रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वे प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर इस मामले में कड़ी कार्यवाही की मांग करेंगे।
